गुलज़ार ~ स्त्री, तुम
स्त्री, तुम पुरुष न हो पाओगी ~ गुलज़ार स्त्री, तुम पुरुष न हो पाओगी…. ज्ञान की तलाश क्या सिर्फ बुद्ध को थी? क्या तुम नहीं पाना चाहती वो ज्ञान? किन्तु जा पाओगी, अपने पति परमेश्वरऔर नवजात शिशु को छोड़कर…. तुम तो उनपर जान लुटाओगी…. उनके लिये अपने भविष्य को दाँव पर लगाओगी… उनकी होठों की एक मुस्कुराहट के
